जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर सुरक्षा बढ़ाई गई; बड़ी संख्या में सेना-CRPF जवानों की तैनाती, अमरनाथ यात्रा को लेकर हाईअलर्ट पर सरकार

Amarnath Yatra 2026 Jammu-Srinagar National Highway Security Alert

Amarnath Yatra 2026 Jammu-Srinagar National Highway Security Alert

Amarnath Yatra 2026: इस बार 3 जुलाई 2026 से पवित्र अमरनाथ यात्रा शुरू होने जा रही है. जहां इससे पहले अमरनाथ यात्रा काफिले के आवागमन और तैयारियों को लेकर ड्राई रन (Dry Run) किया गया. बता दें कि अमरनाथ तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सबसे अहम है. जिसके चलते जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है. तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एहतियाती तौर से सेना-CRPF के अतिरिक्त सुरक्षा जवान जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे और आसपास चप्पे-चप्पे पर तैनात किए गए हैं. सुरक्षा की कड़ी में अहम रूप से जम्मू-कश्मीर पुलिस भी शामिल है.

12 जून को अमित शाह ने की हाईलेवल बैठक

इससे पहले देश के गृह मंत्री अमित शाह ने बीते 12 जून को दिल्ली के कर्तव्य भवन में एक हाईलेवल बैठक की थी। जिसमें गृह मंत्री ने अमरनाथ यात्रा को लेकर सुरक्षा और तमाम तैयारियों के बारे में विस्तार से समीक्षा की और अधिकारियों से सारी जानकारी ली थी. गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता वाली इस अहम बैठक में जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल, आर्मी चीफ उपेंद्र द्विवेदी, आईबी चीफ, DG सीआरपीएफ, जम्मू कश्मीर के डीजीपी समेत अन्य उच्चाधिकारी मौजूद रहे थे। वहीं यह बैठक दो घंटे से ज़्यादा समय तक चली थी।

सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को दिया था बड़ा निर्देश

बैठक में गृह अमित शाह ने सभी अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था बेहद मज़बूत करने और अमरनाथ यात्रा के सुचारू और सुरक्षित संचालन के लिए बेहतर आपसी तालमेल सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। गृह मंत्री ने कहा था कि अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra 2026) पर जाने वाले प्रत्येक यात्री की सुरक्षा और सुगमता सरकार के लिए महत्वपूर्ण है। यात्रियों (Amarnath Pilgrims) को परेशानी न हो इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए जायें.

अमरनाथ यात्रा 2026 का पूरा शेड्यूल

अगर आप इस साल अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra 2026) का प्लान बना रहे हैं तो अब Baba Barfani के दर्शन को तैयार हो जाइए। श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (Amarnath Shrine Board) ने हाल ही में आधिकारिक जानकारी दी थी कि इस साल 2026 में अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होगी। यह पवित्र यात्रा 57 या 58 दिनों तक चलेगी और श्रावण पूर्णिमा (रक्षा बंधन) के पावन अवसर (28 अगस्त 2026) पर समाप्त होगी। यानि इतने दिनों तक तीर्थयात्री पवित्र अमरनाथ गुफा में बाबा बर्फानी के अद्भुत दर्शन कर पाएंगे। अमरनाथ यात्रा के लिए एडवांस रजिस्ट्रेशन और मेडिकल प्रक्रिया 15 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है।

अमरनाथ यात्रा 2026 का रजिस्ट्रेशन कैसे करें?

याद रहे कि अमरनाथ यात्रा में आप तभी शामिल हो सकते हैं जब आप इसके लिए अपना रजिस्ट्रेशन करवाएंगे। बिना रजिस्ट्रेशन आप यात्रा शुरू नहीं कर सकते हैं। आप चाहें तो खुद से श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड वेबसाइट https://jksasb.nic.in/ पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं और अगर नहीं करना आता है तो किसी भी ऑनलाइन कार्य सेंटर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए लंगर से लेकर रहने की व्यवस्था होगी।

बतादें कि, रजिस्ट्रेशन में श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की तरफ से आपसे बहुत सी जरुरी जानकारी मांगी जाएगी। यात्रा के लिए श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के अपने नियम हैं जिनपर आपको हर हाल में खरा उतरना होगा। आपसे यहां हेल्थ संबंधी जानकारी भी ली जायेगी। हमारी सलाह है कि आप रजिस्ट्रेशन करने से पहले श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की वेबसाइट पर जाकर यात्रा संबंधी नियमों को एक बार जरूर पढ़ लें।

अमरनाथ यात्रा में सुरक्षा व्यवस्था होती है प्राथमिकता

अमरनाथ यात्रा में पहली प्राथमिकता सुरक्षा व्यवस्था होती है जो कि हर हाल में पुख्ता रखी जाती है। यात्रा के दौरान यहां भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाती है. सुरक्षाकर्मी एकदम चौकस रहते हैं और अपनी पैनी निगाह से पूरी घाटी पर होने वाली हर हलचल पर नजर रखते हैं। अमरनाथ यात्रा में हर हाल में यह तय किया जाता है कि घाटी में बाबा बर्फानी के दर्शन करने आने वाले भक्त सकुशल अपने घर लौट सकें।

दरअसल, जम्म-कश्मीर घाटी के बीच अमरनाथ यात्रा बेहद कठिनाई भरी तो है ही साथ ही आतंकी खतरा का भी एक अलग डर रहता है। फिलहाल, इस साल होने शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा में सुरक्षा और सुविधा के लिहाज कुछ और विशेष प्रबंध किये जा रहे हैं। मालूम रहे कि अमरनाथ यात्रा दो पारंपरिक रूटों से होकर गुजरती है। यह पवित्र यात्रा पहलगाम (अनंतनाग) और बालटाल (गांदरबल) दोनों मार्गों से होती हुई बाबा बर्फानी के दर तक भक्तों को ले जाती है.